प्रोटेक्शन कानून लागू करने की मांग को लेकर पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन
गंजबासौदा, हरीश भावसार
प्रदेश में पत्रकारों के साथ लगातार हो रही हिंसा, दमन और पुलिसिया कार्रवाई की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। हाल ही में जिला एवं प्रदेश में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं हुई हैं। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, किंतु मध्यप्रदेश में सच्ची और निर्भीक पत्रकारिता करना लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। एक ओर पत्रकारों पर असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमले हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा ही पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। प्रदेश में लंबे समय से पत्रकार प्रोटेक्शन कानून लंबित है। जिसकी अनुपस्थिति के कारण पत्रकार लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
मध्य प्रदेश में वर्षों से लंबित पत्रकार प्रोटेक्शन कानून को तत्काल लागू किया जाए, ताकि पत्रकार निर्भीक होकर जनहित की पत्रकारिता कर सकें। पत्रकारों में हमलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। प्रदेश में विभिन्न घटनाओं में निर्दोष पत्रकारों पर दर्ज किए प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं प्रभावी सुरक्षा तंत्र लागू किया जाए। भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन को संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाया जाए। यदि समय रहते इन गंभीर मामलों में ठोस एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी घातक सिद्ध होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक पत्रकार बंधु शामिल रहें।
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