दिल्ली/
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चट्ढा ने बुधवार को सदन में राइट टू रिकॉल (जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार ) का मुद्दा उठाया है। यह एक ऐसी व्यवस्था होती है, जिसमें मतदाताओं को अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार होता है। राघव चड्ढा का कहना है कि अगर कोई भी निर्वाचित सांसद या विधायक अपने काम से मतदाताओं को संतुष्ट नहीं कर पाए, तो उन्हें यह अधिकार होना चाहिए कि वह उन्हें उनके पद से हटा सकें।
राघव चड्ढा का कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को मतदाताओं द्वारा राइट टू रिकॉल की व्यवस्था दुनिया के 24 देशों में मौजूद है। उन्होंने कहा है कि भारत में राजस्थान और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में भी पंचायत स्तर पर यह सिस्टम लागू है कि अगर जनप्रतिनिधियों का कार्य मतदाताओं को संतोषजनक नहीं लगा तो उन्हें वे वापस बुला सकते हैं।
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