नेगमा पिपरिया डबल हत्याकांड मामले में अभियुक्तगण को आजीवन कारावास
गंजबासौदा-
ग्राम नेगमा पिपरिया में फरियादी लखपतसिंह मैना दिनांक 06.04.2023 को शाम 06:00 बजे अपने लड़के ज्ञानसिंह, राजेन्द्रसिंह व महेश के साथ दीघोरा में मौआ वाले खेत पर था और उसका बेटा ज्ञानसिंह खेत में प्लाउ कर रहा था, तभी वहां पर उसके गांव के दिमानसिंह, राजपाल, दिनेश, पर्वत, आशीष, कान्हा अपने हाथ में डंडा, मलखान लोहे का कतरना, राजू फरसा, दीपेश कुल्हाड़ी, रणवीर लोहे की सांग लेकर आए और पुरानी रंजिश पर से एकराय होकर उसके लड़के ज्ञानसिंह को जान से मारने के लिए उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दी एवं मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देने लगे। मारपीट से ज्ञानसिंह को दोनों पैरों, सीने व हाथ में चोट होकर खून निकलने लगा, फिर वह, राजेन्द्र सिंह व महेश, ज्ञानसिंह को बचाने गए तो उक्त सभी लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आयी, तभी वहां पर संतोष मैना, शिब्बू मैना, रामबाबू मैना, वहां आ गए तो आरोपीगण वहां से भाग गए। फरियादी लखपत द्वारा लेख करायी गई देहाती नालसी के आधार पर अभियुक्तगण के विरुद्ध अपराध कमांक 78/2023 धारा 294, 323, 302, 324, 147, 148, 149 भा.दं.सं. का पंजीबद्ध किया गया।
न्यायालय श्री हरप्रसाद वंशकार, द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, गंजबासौदा, जिला विदिशा द्वारा प्रकरण में आयी साक्ष्य एवं अनुसंधानिक कार्यवाही एवं अपर लोक अभियोजक डॉ. अखिलेख लाहौरी द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य व तर्कों से सहमत होते हुए सभी अभियुक्तगण को निर्णय दिनांक 06.05.2026 को घोषित करते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया गया, जिसमें अभियुक्तगण मलखान, राजपाल, दिनेश, राजू उर्फ राजेश, दिमान, दीपेश, रणवीर एवं पर्वत को भा.दं.वि. की धारा 147 के अंतर्गत 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500/-रुपये के अर्थदण्ड से अर्थदण्ड के व्यतिकम में 15-15 दिवस, धारा 148 के अंतर्गत 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500/- रुपये के अर्थदण्ड से अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 15-15 दिवस, धारा 323 सहपठित धारा 149 (तीन शीर्षी) के अंतर्गत 03-03 माह का सश्रम कारावास एवं 500-500/-रुपये के अर्थदण्ड से अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 15-15 दिवस, धारा 325 सहपठित धारा 149 के अंतर्गत 01-01 माह का सश्रम कारावास एवं 500-500/- रुपये के अर्थदण्ड से अर्थदण्ड के व्यतिकम में 01-01 माह तथा धारा 302 सहपठित धारा 149 (दो शीर्ष) के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1000-1000/- रुपये के अर्थदण्ड से अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 01-01 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताये जाने का निर्णय पारित किया गया। उक्त मामले की पैरवी शासन की ओर से शासकीय अभिभाषक डॉ. श्री अखिलेश लाहौरी द्वारा की गई।
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