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सोमवार, 29 दिसंबर 2025

पत्रकारिता कोई नौकरी नहीं, यह लोकतंत्र की आत्मा यदि पत्रकार निर्भीक नहीं होगा, तो समाज गूंगा हो जायेगा सक्सेना

 पत्रकारिता के स्वाभिमान का उत्सव
— डॉ. अरुण सक्सेना
सिरोंज।
पत्रकार  संगठन जम्प का राज्य स्तरीय सम्मेलन सिऱोंज में संपन्न हुआ अनंत श्री गार्डन कुरवाई रोड से चार पहिया वाहन की रैली निकालकर महापुरुषों पर माल्यार्पण की छतरी चौराहे पर महात्मा गांधी में मार्केट में शीतला माता मंदिर होते हुए पुरानी बस स्टैंड पर भीमराव अंबेडकर माल्या हरपाल करते हुए स्थानीय आनंद श्री गार्डन पहुंचकर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ 
पत्रकारिता कोई नौकरी नहीं, यह लोकतंत्र की आत्मा है। यदि पत्रकार निर्भीक नहीं होगा, तो समाज गूंगा हो जाएगा—इन शब्दों के साथ जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने सिरोंज में आयोजित राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह एवं कार्यशाला को पत्रकारिता के स्वाभिमान का ऐतिहासिक मंच बना दिया।
27 दिसंबर को आयोजित इस भव्य आयोजन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ व युवा पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. सक्सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत है संगठित, सजग और सिद्धांतनिष्ठ पत्रकारिता की। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि जब-जब सत्ता, व्यवस्था या समाज में अन्याय होगा, तब-तब पत्रकार ही सबसे पहले खड़ा दिखाई देगा—यही उसकी पहचान है, यही उसका धर्म है।
वही कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए
मप्र के मछुआ एवं मत्स्य कल्याण मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि,
विकास पुरुष का तमगा देने वाला भी पत्रकारों का यही मंच है। जो जनप्रतिनिधि विकास करता है, उसका मूल्यांकन जनता के साथ-साथ पत्रकार करते हैं। किसी को विकास पुरुष का तमगा मिलता है तो उसके पीछे भी पत्रकारों की निष्पक्ष कलम और यही मंच होता है। राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मंत्री नारायण सिंह पंवार ने जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों को संगठित कर सम्मान और प्रशिक्षण देने वाला यह मंच पत्रकारिता के लिए दिशा-निर्देशक बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के आत्मसम्मान को सुदृढ़ करते हैं और समाज में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हैं।
इसके पूर्व गरिमामय कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ नवीन आनंद जोशी ने प्रदेश के पत्रकारो को शासन से मिलने वाली सुविधाओ को आंचलिक पत्रकार साथियों को कैसे मिले, इस हेतु सार्थक प्रयास और नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के बीच में सिरोंज के पत्रकार श्री अवध नारायण जी एडवोकेट, अब्दुल सूबूर मियां ,स्वर्गीय बालकृष्ण विद्यार्थी जी, राकेश सक्सेना एवं सबसे कम उम्र के संपादक अमरकंटक एक्सप्रेस के दीपक प्रजापति का शाल श्रीफल सम्मान पत्र देकर सम्मान किया
वही राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह एवं कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा ने गोदी मीडिया जैसी प्रचलित शब्दावली पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पत्रकारों और पत्रकारिता के लिए इस तरह के शब्द प्रयोग में लाए जा रहे हैं, तो इसे नकारात्मक रूप में देखने के बजाय यह समझना चाहिए कि पत्रकारिता अपना दायित्व निभा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि जब पत्रकार सत्ता, व्यवस्था और समाज से सवाल पूछता है, तभी उसे लेबल करने की कोशिशें होती हैं। जब तक पत्रकारिता निष्पक्ष और निर्भीक रहेगी, तब तक उस पर आरोप भी लगेंगे। आरोप लगना इस बात का संकेत है कि पत्रकारिता ने किसी न किसी को असहज किया है।
पत्रकारों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र भी मंत्री नारायण सिंह पंवार को सौंपा। मांगपत्र पर आश्वासन देते हुए मंत्री ने कहा कि आपके द्वारा सौंपे ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने और उनसे आग्रह पूर्वक मनवाने का प्रयास करेंगे। मध्य प्रदेश के अनेक जिलों से विदिशा जिले की सभी तहसीलों से सैकड़ो की संख्या में पत्रकार बंधु कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
गंजबासौदा जम्प टीम द्वारा भी अध्यक्ष महोदय को गंजबासौदा आने का निमंत्रण अभिनव श्रीवास्तव, द्वारा दिया 
इस अवसर पर स्वागत भाषण राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ कमल आलोक प्रसाद और आभार कार्यक्रम आयोजक रघुवीर प्रजापति ने माना। कार्यक्रम का सफल संचालन एड पवन सक्सेना ने किया। सिरोंज जम के टीम का सराहनीय योगदान रहा जिसमें ब्लॉक उपाध्यक्ष बबलू विश्वकर्मा, रामस्वरूप यादव, नरेंद्र बरसाना, बालमुकुंद माली, शैलेंद्र रजक, सोनू मालवीय, दीपक प्रजापति, मोहन रघुवंशी, दिलीप श्रीवास्तव, वसीम अख्तर, कासिम खान, युवराज प्रजापति, सुनील नगीना, देवेंद्र विश्वकर्मा, शिवराज सूर्यवंशी, राकेश सक्सेना, सुनील पाठक, बाबू सिंह राजपूत, प्रवेश सक्सेना, दिनेश सेन आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे

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