उज्जैन में 12 फरवरी से 139 दिवसीय ‘विक्रमोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन
महाकाल वन मेला भी होगा आकर्षण का केंद्र
उज्जैन।
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून 2026 तक 139 दिवसीय भव्य आयोजन ‘विक्रमोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर महाकाल वन मेला भी आयोजित होगा, जो श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
इस संबंध में आज आयोजित प्रेसवार्ता में अपर मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रमोत्सव-2026 न केवल भारत बल्कि देश-विदेश में अपनी तरह का एक विशिष्ट सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का महोत्सव होगा।
उन्होंने बताया कि 139 दिनों तक चलने वाला यह आयोजन सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली परंपरा, भारतीय संस्कृति, लोककला, साहित्य, संगीत, नाट्य, शिल्प, योग एवं आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच प्रदान करेगा। महाकाल वन मेला इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों एवं सांस्कृतिक दलों को विशेष अवसर मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विक्रमोत्सव-2026 से उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, साथ ही पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बढ़ावा मिलेगा।
प्रेसवार्ता में संस्कृति विभाग एवं शोधपीठ के अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने हेतु व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
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