राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमामयी मंच बना साक्षी; मेधावी छात्र-छात्राओं को मिले 'गोल्ड मेडल', 5000 रु की प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति पत्र
लंबे समय से लंबित चल रही अलंकरण परंपरा को प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने दी नई दिशा
सागर। पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता की विशेष पहल एवं संवेदनशीलता से महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य मंच उस समय अत्यंत अलौकिक व गौरवमयी हो उठा, जब पूर्व समर्पित प्राध्यापकों की पावन स्मृति में मेधावी छात्र-छात्राओं को 'गोल्ड मेडल', 5000 रु की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र से अलंकृत किया गया।
महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापक रहे स्व. डॉ. दिलीप सिंह राजपूत की पुण्य स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अनुपमा राजपूत द्वारा प्रदत्त राशि से सत्र 2023-24 की परीक्षा में अर्थशास्त्र विषय में महाविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. कंचन मिश्रा को गरिमामयी मंच से 'गोल्ड मेडल', नगद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर अलंकृत किया गया। इसी क्रम में निरंतर सफलता का परचम लहराते हुए सत्र 2024-25 की परीक्षा में भी अर्थशास्त्र विषय में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली और महाविद्यालय में सर्वाधिक अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल करने वाली कु. मुस्कान साहू को भी स्व. डॉ. दिलीप सिंह राजपूत स्मृति में मंच से मुख्य अतिथियों द्वारा 'गोल्ड मेडल' एवं सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया।
इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम सफलता: स्व. डॉ. विजय त्रिपाठी स्मृति सम्मान
इसी कार्यक्रम में इतिहास विभाग के पूर्व प्राध्यापक स्व. डॉ. विजय त्रिपाठी की पावन स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजू त्रिपाठी द्वारा प्रदत्त राशि से सत्र 2023-24 में इतिहास विषय के साथ एम.ए. की परीक्षा में महाविद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले ऋतिक तिवारी को अतिथियों द्वारा 'गोल्ड मेडल', सम्मान राशि व प्रमाण-पत्र प्रदान कर अलंकृत किया गया। इस स्वर्णिम परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सत्र 2024-25 की एम.ए. इतिहास की परीक्षा में महाविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली भूमिका कटारिया को स्व. डॉ. विजय त्रिपाठी स्मृति सम्मान के अंतर्गत 'गोल्ड मेडल', 5000 रु की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी के गरिमामयी मंच से मंचासीन अतिथियों ने मेधावियों के गले में चमकते हुए 'गोल्ड मेडल' पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने जानकारी देते हुए बताया कि मेधावी छात्रों को दिया जाने वाला यह महत्वपूर्ण अलंकरण काफी समय से लंबित चल रहा था। प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के सतत प्रयासों और विशेष पहल पर ही इस गौरवशाली परंपरा को एक बार फिर से प्रारंभ किया गया है। प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के इस प्रेरणादायी कदम से न केवल दिवंगत विद्वान प्राध्यापकों की स्मृतियों और उनके शैक्षणिक योगदान को स्मरणीय बनाते हुए चिरस्थायी सम्मान मिला है, बल्कि विद्यार्थियों में भी सर्वोच्च अंक प्राप्त करने का एक नया उत्साह और प्रतिस्पर्धा संचरित हुई है।
महाविद्यालय के आदि गुरु शंकराचार्य सभागार में संपन्न हुए इस अलंकरण और सम्मान समारोह के दौरान समूचा सभागार करतल ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने स्व. प्राध्यापकों के योगदान का स्मरण करते हुए इस प्रेरक पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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