गंजबासौदा,
सरकारी सिस्टम जिसकी लापरवाही किसी की जान के लिए आफत बन जाए गंज बासोदा में सिविल अस्पातल में सरकारी एंबुलेंस के इंतजार में कई बार एक्सीडेंट या कोई भी मामले होते हैं तो पास खड़े होने के बाद भी फोन लगाना पड़ता है एम्बुलेंस को किसी की जान जरूरी है या सरकारी नियम घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचने के लिए घंटो इंतजार करने के बाद भी मौके नही पहुंचती 108
मरीजों को समय पर नहीं मिल रही 108 एंबुलेंस की सेवा
जानकारी अनुसार नगर में आए दिन अब मरीजों को उपचार के लिए शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय पहुंचने के लिए नागरिकों द्वारा 108 एंबुलेंस को फोन करके घटना स्थल सहित अन्य मरीजों तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए बुलाया जाता है लेकिन 108 एंबुलेंस के नंबर पर फोन उठाने बाला व्यक्ति 108 गाड़ी कही और होने की बात कहकर अपने काम से इति श्री कर लेता है लेकिन देखने में आता है दिन और रात के समय 2 से 3 108 एंबुलेंस गाड़ी सिटी थाने के बाहर ही खड़ी रहती है उसके बाद भी लोगो को भीर्मित कर दिया जाता है जिसके चलते मरीजों को समय पर ईलाज नही मिल पा रहा है।
ओवर ब्रिज के पास घायल मिला युवक 100 डायल ने पहुंचाया अस्पताल ,मरीज रैफर
प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को दोपहर के समय लाल पठार निवासी नेतराम मीना उम्र 35 अज्ञात कारण के चलते ओवर ब्रिज के पास घायल अवस्था पड़े थे जिन्हे गंभीर रूप से चोटे आई थी।जिसकी जानकारी लोगो ने उनके परिजनों को दी उपचार लिए अस्पताल लाने के लिए परिजनों ने 108 एंबुलेंस को 12.30 बजे फोन लगाया लेकिन समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची और फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहीं और होने की बात कह दी इसके बाद परिजनों ने 100 डायल को फोन लगाया तब कहीं जाकर लगभग दोपहर के 2 बजे घायल युवक शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय उपचार के लिए पहुंचा जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद विदिशा रेफर कर दिय। घायल को अस्पताल लेकर आए परिजनों ने बताया की कई बार 108 एंबुलेंस को फोन लगाया लेकिन फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने कहीं और होने की बात कह दी जबकि मरीज को अस्पताल लाते समय 108 एम्बुलेंस सिटी थाने के बाहर ही खड़ी हुई थी।
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