भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत
सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही।
कार्यवाही की शुरुआत छह छंदों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन से
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और संकल्प पत्र 2023 के वादों पर प्रगति का उल्लेख किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृत काल’ विजन का जिक्र करते हुए 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया।
अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मुद्दा उठाया।
विपक्ष ने भाषण में इन मुद्दों का उल्लेख न होने पर नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया।
राज्यपाल के जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शेष अभिभाषण को पढ़ा हुआ मानने की घोषणा की।
इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई; सत्र 6 मार्च तक चलेगा।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया।
कार्यवाही ‘वंदे मातरम्’ के गायन से शुरू हुई।
राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृत काल’ विजन का जिक्र किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नल-जल योजना और इंदौर के दूषित पानी का मुद्दा उठाया।
विपक्ष ने भाषण में इन मुद्दों के अभाव पर नारेबाजी की।
हंगामे के बीच भी राज्यपाल ने अभिभाषण जारी रखा।
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शेष भाषण को पढ़ा हुआ माना।
सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
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