भोपाल,
मध्य प्रदेश की राजनीति में दिलचस्प मोड़, भाजपा के दिग्गज नेता और 'कवि' हृदय के धनी सत्यनारायण सत्तन की पुत्री कनुप्रिया कांग्रेस में शामिल, इंदौर और प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बना_
_जनसंघ के समय के नेता और भाजपा के कद्दावर स्तंभ माने जाने वाले नेता सत्यनारायण सत्तन का परिवार दशकों से विचारधारा के स्तर पर भाजपा से गहराई से जुड़ा रहा है।_
_लेकिन उनकी पुत्री कनुप्रिया ने कांग्रेस की विचारधारा और कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।_
_राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल एक व्यक्ति का दल बदलना नहीं है, बल्कि यह भाजपा के भीतर पुराने और निष्ठावान परिवारों में पनप रहे असंतोष या वैचारिक बदलाव की ओर भी इशारा करता है।_
_यह कदम भाजपा के लिए सत्तन जी जैसे वरिष्ठ नेता की पुत्री का कांग्रेस में जाना पार्टी के लिए एक असहज स्थिति पैदा करता है, खासकर इंदौर जैसे गढ़ में।_
_कांग्रेस इंदौर क्षेत्र में इसे एक "नैतिक जीत" की तरह देख रही है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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