नौ देवी पिपलेश्वर महादेव मंदिर स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं रजत जयंती समारोह पर कथा का आयोजन - topstarnews

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

नौ देवी पिपलेश्वर महादेव मंदिर स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं रजत जयंती समारोह पर कथा का आयोजन

नौ देवी पिपलेश्वर महादेव मंदिर  स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने एवं रजत जयंती समारोह पर.........

सभी भगवान की शरण में आए और परमात्मा से जुड़े - कृष्णा मां
गंजबासौदा,
नौ देवी पिपलेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंदिर समिति द्वारा रजत जयंती समारोह के तहत परम पूज्य कृष्णा मां की रस मयी वाणी से सप्त दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन महोत्सव का आयोजन चल रहा है।
कृष्णा मां ने अनेक कथाओं और  दृष्टांगों के साथ कहां कि हर कथा में हनुमान जी मौजूद रहते हैं। लोग कहते हैं कि हम कथा में क्यों जाएं हमने थोड़े ही पाप किए हैं। जिन्होंने पाप की है बी कथा में जाएं। इस पर कृष्णा मां ने कहा कि हर कथा में हनुमान जी मौजूद रहते हैं। तो क्या हनुमान जी ने पाप किए हैं जो हर कथा में कथा के समय मौजूद रहते हैं। इंसान के स्वभाव के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इंसान जैसा चाहते हैं और वह हो जाता है, तो वह खुश हो जाते हैं और इंसान जैसा चाहते हैं वैसा नहीं होता, तो भगवान खुश हो जाते हैं। इस इस पर चर्चा करते हुए कहा है कि इंसान जैसा चाहते वैसा नहीं होने पर कहा कि ईश्वर हमें अनेक बुरे कर्म और बालों से बचता है। इसलिए कहा गया है कि जो ईश्वर चाहता है वही होता है भले ही हमें अच्छा लगे या बुरा लेकिन घटना दुर्घटनाओं से हमें बचाता रहता है भले ही हमें अच्छा लगे या बुरा। महिलाओं को सीख देते हुए कहा है कि वह अपनी सामान्य भाषा में किचन कहना बंद करें। किचन की जगह वह अब आज से रसोई घर, प्रसाद घर कहना शुरू करें। क्योंकि जब प्रसाद घर व रसोई घर में प्रसाद के रूप में भोजन बनता है तो उसका स्वाद कुछ और ही होता है। उन्होंने कहा कि आप सभी भगवान की शरण में आए और परमात्मा से जुड़े प्रकृति आपकी सेवा में पूरी तरह लगी हुई है। उन्होंने महिलाओं को सिंदूर के महत्व को बताते हुए कहा कि सिंदूर लगाने से कपाल मजबूत होता है, माताएं, बहनें सुहागिन लगने लगती है। और माता बहनों की पहचान हो जाती है कि वह सुहागन है या विधवा, माता और बहाने स्वयं जागे और अपनी बेटियों को जगाएं। आज के समय में अपनी अपनी बेटियों को संस्कार वान बनाएं। कई संस्कारवान बेटियां अपने आप को बगैर दाग के रहती है। जिनको कोई भी ना बहला सकता है और ना फुसला सकता है और नाही कोई गलत राह पर चलने को मजबूत कर सकता है। उन्होंने आज की कथा में पंच कन्याओं के बारे में बताया। अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती और द्रौपदी के जीवन के बारे में चर्चा कर कई कथाएं सुनाई।
अध्यात्मिक प्रवचन के चौथे दिवस के मुख्य जिजवान श्रीमती  राममणी राम बाबू ठाकुर ग्राम लेटनी का परिवार रहा। आज नवरात्रि का दूसरा दिवस होने के बाद भी बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष आध्यात्मिक प्रवचन सुनने पहुंचे और धर्म लाभ लिया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

पेज