*बिजली समस्याओं पर सीधे सुनवाई, जनसंपर्क कैंप में उमड़े उपभोक्ता*
*बिल, स्मार्ट मीटर और कम वोल्टेज की शिकायतों पर मौके पर हुआ निराकरण; अधिकारियों ने कहा- हर समस्या का होगा समाधान*
गंज बासौदा। विद्युत विभाग द्वारा शनिवार को विद्युत जनसंपर्क अभियान के तहत पुराने देहात थाने के पास बेहलोट बायपास रोड पर विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय उपभोक्ता पहुंचे और बिजली बिल, स्मार्ट मीटर, मीटर रीडिंग, बकाया राशि, कम वोल्टेज तथा विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनकर कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया, जबकि अन्य शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
जनसंपर्क अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं और विद्युत विभाग के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा बिजली संबंधी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है। कैंप में पहुंचे अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के समय पर भुगतान, ऊर्जा संरक्षण तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी।
कई उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिजली बिल, गलत मीटर रीडिंग और स्मार्ट मीटर से संबंधित शंकाएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में कम वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या बताई। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी अमले को आवश्यक जांच और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जनसंपर्क शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही किया जा रहा है। शिविर में नए कनेक्शन, नाम परिवर्तन, बिल संशोधन और अन्य विभागीय सेवाओं से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए गए।
कैंप में डीई एसटीएम कामुक मोतियानी, जेई पवन कोरी, सुनील विश्वकर्मा, मीटर रीडर अभिषेक शर्मा तथा केपीओ राजकुमार दुबे सहित विद्युत विभाग का अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनकर उन्हें समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भाग लिया। उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जनसंपर्क कैंप नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि बिजली संबंधी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित हो सके। विभाग ने भी भविष्य में ऐसे शिविरों को लगातार जारी रखने की बात कही।
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