इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को आखिर कैसे मिली अनुमति?
नेहरू स्टेडियम से इनकार के बाद बदला स्थल, ₹10.08 लाख में मिली रीजनल पार्क मैदान की जगह
इंदौर। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के लिए पहले नेहरू स्टेडियम की मांग की गई थी, लेकिन नगर निगम ने आवेदन निरस्त कर दिया। निगम ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि स्टेडियम का उपयोग खेल गतिविधियों तथा स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे आयोजनों के लिए किया जा सकता है, राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए नहीं।
स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान का विकल्प चुना। इसके लिए इंदौर विकास प्राधिकरण से अनुमति मांगी गई। रिपोर्ट के अनुसार IDA ने करीब 50 हजार वर्गफीट भूमि तीन दिनों के लिए उपलब्ध कराने की मंजूरी दी।
इसके एवज में कांग्रेस को ₹8.52 लाख अस्थायी लीज राशि और करीब ₹1.50 लाख GST सहित कुल ₹10.08 लाख जमा करने पड़े। राशि जमा होने के बाद आयोजन स्थल की अनुमति दी गई। अनुमति के साथ सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की शर्त भी रखी गई है।
कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने पंजीयन कराया है। पार्टी इसे छात्रों और युवाओं से संवाद का कार्यक्रम बता रही है। वहीं स्टेडियम को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से नियमों और न्यायालय के निर्देशों को आधार बताया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।
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