रीवा: जनगणना फॉर्म में OBC का कॉलम क्यों नहीं?
नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर उठाए सवाल, जातिवार गणना की मांग
रीवा। जनगणना-2027 के लिए जारी प्रश्नावली में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रीवा में नेताओं एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जनगणना में OBC की जातिवार गणना के लिए स्पष्ट व्यवस्था किए जाने की मांग की।
भारत सरकार की ओर से जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए प्रश्नों की अधिसूचना 14 अगस्त 2026 को जारी की गई थी। आधिकारिक प्रश्नावली में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित जानकारी का प्रावधान दिखाई देता है, जबकि OBC के लिए अलग विकल्प को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों का कहना है कि OBC की वास्तविक संख्या सामने आने के लिए जातिवार आंकड़े दर्ज करने की स्पष्ट और वैज्ञानिक व्यवस्था जरूरी है। उनका तर्क है कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक नीतियों का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा।
इस मांग को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में OBC संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर जनगणना में OBC के लिए अलग विकल्प और जातिवार आंकड़े दर्ज करने की मांग की है।
सवाल यही है—जब जनगणना में हर वर्ग की वास्तविक स्थिति जानना जरूरी है, तो OBC की जातिवार गणना के लिए स्पष्ट कॉलम क्यों नहीं? अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर है।
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