जल-जंगल-जमीन -पर्वत-नदियाँ
विक रहीं वाजार में
गंजबासौदा,
सृजन परिदृश्य साहित्यकार संघ आर्यसमाज वासोदा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण सप्ताह के अन्तर्गत आर्य समाज मन्दिर परिसर में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता शिक्षा विद तैजनारान श्रीवास्तव एवं संचालन चन्द्र कुमार तारन संपादक सॄजन परिदृश्य व्दारा किया गया इस अवसर पर वरिष्ठ रचना कार अनिल जैन गीतकार नै महानगरों के रहवासियों की त्रासदी को इस तरह वयान किया "महानगरों में एक धुंध सा अक्सर छाया रहता है
सांसों में होता भारीपन मन घवराया सा रहता है "
ओमप्रकाश आर्य अध्यक्ष नगर ईकाई आर्यसमाज नै वृक्ष के महत्व को रेखांकित करते हुये कहा की "वृक्षों से ही मिलता जीवन
वृक्ष ही हैं जीवन आधार "
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