गंज बासौदा - समावेशी कप 2026 के अंतर्गत विदिशा जिले के गंजबासोदा में जिला-स्तरीय लीग मैच पूरे उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के साथ शुरू हुए। इन मुकाबलों में जिले की 10 मिक्स्ड-जेंडर टीमों के 130 खिलाड़ी सहभागिता कर रहे हैं।
मैदान पर हर रन, हर विकेट और हर कैच ने यह संदेश दिया कि जब अवसर समान हों, तो नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रतिभा हर युवा में उभरकर सामने आती है।
अतिथियों के शब्दों में सामाजिक बदलाव की गूंज:
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती शशि अनिल यादव अध्यक्ष - नगरपालिका विशेष अतिथि के रूप में पार्षद श्रीमती अंशलेखा भावसार, श्रीमती मधुलिका रज्जन अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष - नगरपालिका राजेश तिवारी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा सुरेश कुमार तनवानी अध्यक्ष मशीनरी हार्डवेयर एसोसिएशन एवं महेश रघुवंशी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा- हमारी बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं और समावेशी कप जैसे आयोजन बहुत ही सराहनीय पहल हैं जो समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश हैं कि लड़कियां भी लड़कों के साथ खेल सकती हैं।
क्रिकेट मैच के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शशि अनिल यादव ने लगातार तीन चोके लगाने वाले खिलाड़ी को 300 नगद पुरस्कार इनाम दिया वहीं सुरेश तनवानी ने एक ओवर में तीन छक्के लगाने वाले खिलाड़ी को 500 नगद राशि देने की घोषणा की
उल्लेखनीय है कि समावेशी कप 2026 का आयोजन सिनर्जी संस्थान हरदा द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट 8 जिलों की 184 मिक्स्ड-जेंडर टीमों और 2200 से अधिक खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर लाने की ऐतिहासिक पहल है।
जिला स्तर में चयनित टीमें नेहरू स्टेडियम, हरदा में होने वाले राज्य-स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लेंगी, जहाँ
51,000 रुपए प्रथम पुरस्कार,
31,000 रुपए द्वितीय,
21,000 रुपए तृतीय एवं
11,000 रुपए चतुर्थ पुरस्कार
समावेशी कप का मुख्य उद्देश्य खेल के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। इस टूर्नामेंट में लड़कियों को टीम की कप्तान बनाकर और लड़कों को सहायक भूमिका में रखकर यह संदेश दिया जा रहा है कि खेल के मैदान पर सभी का समान अधिकार है। यह पहल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में युवाओं को नेतृत्व कौशल विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज में व्याप्त रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
यह आयोजन केवल युवा खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि समुदाय, माता-पिता और स्थानीय लोगों के लिए भी प्रेरणा है कि वे लैंगिक समानता का समर्थन करें।
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