शासकीय चिकित्सक की निजी प्रैक्टिस पर नगर में चर्चा
नियम क्या कहते हैं, जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें—किसे है अनुमति और किन शर्तों के साथ?
नगर संवाददाता।
गंजबासौदा ,
नगर में एक शासकीय चिकित्सक द्वारा ड्यूटी के बाद निजी तौर पर प्रैक्टिस किए जाने को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि संबंधित चिकित्सक को निजी प्रैक्टिस की अनुमति है या नहीं और यदि अनुमति है तो वह किन शर्तों के तहत दी गई है।
मध्यप्रदेश में शासकीय चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस को लेकर विभागीय नियम अलग-अलग परिस्थितियों में लागू होते हैं। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कुछ चिकित्सकों को ड्यूटी अवधि के बाहर निजी प्रैक्टिस की अनुमति दी गई थी, लेकिन निजी क्लीनिक या नर्सिंग होम में जाकर प्रैक्टिस करने पर प्रतिबंध का उल्लेख है। प्रशासनिक पदों पर पदस्थ चिकित्सकों के लिए नियम अधिक सख्त हैं।
ऐसे में नगर में चल रही चर्चा के बीच यह महत्वपूर्ण है कि संबंधित चिकित्सक की पदस्थापना, निजी प्रैक्टिस की अनुमति, ड्यूटी का समय और प्रैक्टिस का स्थान क्या है। स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारी यदि स्थिति स्पष्ट कर दें तो चर्चाओं पर विराम लग सकता है।
सवाल:
क्या संबंधित चिकित्सक को निजी प्रैक्टिस की अनुमति है? यदि है तो किस आदेश/नियम के तहत? और क्या निजी प्रैक्टिस निर्धारित स्थान एवं ड्यूटी समय के बाद ही की जा रही है?
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें