भ्रष्टाचार का खुल्ला खेल बीस हजार में बन गये दिव्यांग और हासिल कर ली सरकारी नौकरी आयोग ने लिया संज्ञान - topstarnews

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

बुधवार, 21 जून 2023

भ्रष्टाचार का खुल्ला खेल बीस हजार में बन गये दिव्यांग और हासिल कर ली सरकारी नौकरी आयोग ने लिया संज्ञान


*भोपाल, 
मप्र मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री मनोहर ममतानी ने *‘सोलह मामलों में संज्ञान’* लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।

*बीस हजार में बन गये दिव्यांग और हासिल कर ली सरकारी नौकरी*

मप्र के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रायवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चल रही भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक भर्ती घोटाला सामने आया है। कई अभ्यर्थियों ने दिव्यांगता का प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। हालात यह हैं कि अभ्यर्थियों ने 15 से 20 हजार रूपये खर्च कर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी नौकरी हासिल की है। मुरैना और ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हुआ है। नतीजा यह हुआ कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक भी भर्ती प्रक्रिया बिना अभ्यर्थियों के आंदोलन के पूरी नहीं हुई है। वर्तमान में भी अभ्यर्थी आंदोलन प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर त्रुटिपूर्ण/फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्रों के जारी होने के संबंध में संबंधित चिकित्सकों के विरूद्ध की गई कार्यवाही और त्रुटिपूर्ण भर्ती किये गये अभ्यर्थियों के संबंध में विभागीय स्तर पर की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।
*मर्चुरी में रखे शव के कान कुतर गये चूहे, कर्मचारियों का जवाब-ऐसा होता रहता है*
भोपाल शहर की हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखे एक शव को चूहे  कुतर गये। जानकारी बीते मंगलवार को तब लगी, जब मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेने पहुंचे। परिजनों ने स्टॅाफ से पूछताछ की तो उन्होंने बड़े लापरवाही से कहा - यहां ऐसा तो होता ही रहता है। गुस्साये पजिनों ने आपत्त् िजताई और मर्चुरी पर ही हंगाया कर दिया। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल, भोपाल एवं डायरेक्टर मेडिको लीगल संस्थान, हमीदिया अस्प्ताल, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर मर्चुरी में शवों को सुरक्षित रखे जाने हेतु की गई कार्यवाही के बारे में एक माह में जवाब मांगा है।

*अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायतों का अंबार, फिर भी कार्यवाही नहीं*

पुराने भोपाल शहर में बेतरतीब निर्माण कार्यों की वजह से नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं भी मिलना मुश्किल हो गया है। संकरी गलियों की वजह से यहां दिनभर जाम लगा रहता है। इन अवैध निर्माण कार्यों की कई शिकायतें भी की गईं, फिर भी नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा वाले अधिकारी कार्यवाही करने से बचते हैं। ये सारे निर्माण कार्य बिना अनुमति के अवैध रूप से तैयार किये गये हैं और वर्तमान में भी किये जा रहे हैं। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल से प्रकरण की जांच कराकर की गई कार्यवाही के संबंध में एक माह में जवाब मांगा है।





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

पेज