गंजबासौदा में दोहरे हत्याकांड के आरोपी को दोहरा आजीवन कारावास
रामसखीबाई और मानवी कुशवाह की हत्या के मामले में अदालत का फैसला, दोनों मामलों में एक-एक हजार रुपये का
गंजबासौदा/विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में दोहरे हत्याकांड के मामले में न्यायालय ने आरोपी राजा उर्फ अनुज पुत्र हमीर सिंह विश्वकर्मा, उम्र 30 वर्ष, को दोहरा आजीवन कारावास सुनाया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री हरप्रसाद बंशकार की अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
अदालती दस्तावेज के अनुसार, आरोपी को मृतिका रामसखीबाई और मानवी की हत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषसिद्ध पाया गया। दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग आजीवन कारावास तथा प्रत्येक मामले में एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक मामले में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
गैस की छोटी टंकी से वार कर की थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना की रात रामसखी और लड़कियां गहरी नींद में सो रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने गैस की छोटी टंकी से रामसखी के सिर के पीछे वार किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मानवी कुशवाह की भी गला दबाकर हत्या कर दी गई।
दस्तावेज में उल्लेख है कि घटना के बाद आरोपी ने दीवार पर सिंदूर और लिपिस्टिक से प्रेम संबंध, माफी तथा धोखे से संबंधित बातें लिखीं। जिस गैस की छोटी टंकी से रामसखी की हत्या की गई थी, उसे किराये के कमरे में रखा गया था। बाद में आरोपी द्वारा कमरे में लिखे गए संदेश भी वहीं फेंक दिए जाने का उल्लेख है।
अभियोजन पक्ष ने की थी कड़ी सजा की मांग
मामले में अपर लोक अभियोजक डॉ. अखिलेश लाहौरी ने न्यायालय में तर्क प्रस्तुत करते हुए दोहरे हत्याकांड को गंभीर और जघन्य अपराध बताया तथा आरोपी को कठोरतम दंड देने की मांग की। न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए सजा सुनाई।
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