निकाय चुनाव नियमों में बदला नामांकन से प्रस्तावक तक बदले नियम, प्रत्याशियों के लिए बढ़ी जिम्मेदारी - topstarnews

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

रविवार, 27 सितंबर 2026

निकाय चुनाव नियमों में बदला नामांकन से प्रस्तावक तक बदले नियम, प्रत्याशियों के लिए बढ़ी जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव नियमों में बदलाव
नामांकन से प्रस्तावक तक बदले नियम, प्रत्याशियों के लिए बढ़ी जिम्मेदारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव प्रक्रिया से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। संशोधित प्रावधानों का असर महापौर, नगरपालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष तथा पार्षद पद के प्रत्याशियों पर पड़ेगा। नामांकन प्रक्रिया के साथ चुनावी खर्च और दस्तावेजी औपचारिकताओं को भी अधिक स्पष्ट किया गया है।
नामांकन के लिए कम से कम सात दिन
संशोधित व्यवस्था के अनुसार निर्वाचन संबंधी सूचना प्रकाशित होने के बाद नामांकन दाखिल करने के लिए कम से कम सात दिन का समय दिया जाएगा। यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है तो अंतिम तिथि अगले कार्यदिवस तक बढ़ाने का प्रावधान बताया गया है।
एक पद पर एक ही नामांकन स्वीकार
एक ही पद के लिए एक उम्मीदवार द्वारा एक से अधिक नामांकन-पत्र जमा किए जाने की स्थिति में अब अतिरिक्त नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी एक से अधिक नामांकन-पत्र स्वीकार नहीं करेगा।
प्रस्तावक की भूमिका बनी महत्वपूर्ण
नामांकन में प्रस्तावक की पात्रता पहले की तरह महत्वपूर्ण रहेगी। नगरपालिका निर्वाचन नियमों के अनुसार महापौर/अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक नगरपालिका के किसी भी वार्ड का मतदाता हो सकता है, जबकि पार्षद पद के लिए संबंधित वार्ड का मतदाता प्रस्तावक होता है। मतदाता के रूप में निरर्हित व्यक्ति प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर नहीं कर सकता।
जमानत राशि में भी बदलाव
रिपोर्ट किए गए संशोधित प्रावधानों के अनुसार महापौर पद के प्रत्याशी की जमानत राशि 32 हजार रुपये तथा नगरपालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की जमानत राशि 24 हजार रुपये निर्धारित की गई है। पार्षद पद के प्रत्याशियों पर भी संशोधित प्रावधान लागू होंगे।
चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता
प्रत्याशियों को चुनाव संबंधी लेन-देन के लिए अलग बैंक खाता रखना होगा। नामांकन के समय खाते की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। नामांकन से लेकर मतगणना तक चुनाव से संबंधित खर्च का रिकॉर्ड निर्धारित तरीके से रखना होगा।
खर्च का हिसाब नहीं देने पर कार्रवाई
प्रत्याशी को चुनावी खर्च का लेखा-जोखा और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे। निर्धारित अवधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर नियमों के तहत कार्रवाई और निर्धारित अवधि के लिए चुनाव लड़ने से निरर्हता का प्रावधान हो सकता है।
क्या बदला, एक नजर में
विषय
नई व्यवस्था
नामांकन अवधि
कम से कम 7 दिन
सार्वजनिक अवकाश
अंतिम दिन अवकाश होने पर अगला कार्यदिवस
एक पद पर नामांकन
एक से अधिक नामांकन स्वीकार नहीं
महापौर जमानत राशि
₹32,000
नगरपालिका अध्यक्ष
₹24,000
चुनावी बैंक खाता
अलग खाते की व्यवस्था
चुनावी खर्च
नामांकन से मतगणना तक हिसाब
प्रस्तावक
पद/वार्ड के अनुसार पात्र मतदाता जरूरी
नोट: प्रस्तावक से जुड़े मूल प्रावधान नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 25 में निर्धारित हैं। इसलिए किसी विशेष आगामी चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर उसमें दिए गए ताजा निर्देशों को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

पेज