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मंगलवार, 22 सितंबर 2026

रोजगार की परीक्षा या बेरोजगारों की जेब पर बोझ?पटवारी परीक्षा में 400 से 5 00 किलोमीटर दूर बनाए परीक्षा केंद्र, अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

रोजगार की परीक्षा या बेरोजगारों की जेब पर बोझ?
पटवारी परीक्षा में 400 से 5 00 किलोमीटर दूर बनाए परीक्षा केंद्र, अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल
भोपाल। मध्यप्रदेश में पटवारी समेत विभिन्न पदों के लिए आयोजित होने वाली समूह-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में परीक्षा केंद्रों के आवंटन को लेकर नाराजगी सामने आ रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके परीक्षा केंद्र घर या मुख्य क्षेत्र से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर बनाए गए हैं, जिससे परीक्षा देने पहुंचने में अतिरिक्त समय और परिवहन खर्च उठाना पड़ 
अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और पहले ही आवेदन शुल्क, यात्रा तथा तैयारी का खर्च उठा रहे हैं, तो परीक्षा केंद्रों का आवंटन यथासंभव सुविधाजनक स्थानों पर क्यों नहीं किया जा रहा?
अभ्यर्थियों का कहना है—सरकार बेरोजगारों से परीक्षा के नाम पर खर्च करवाना चाहती है या उन्हें रोजगार देना?
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की समूह-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 में पटवारी समेत विभिन्न पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परीक्षा 23 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है।
सवाल व्यवस्था पर है
परीक्षा केंद्रों के आवंटन में अभ्यर्थियों की सुविधा, सार्वजनिक परिवहन और केंद्र तक पहुंचने की दूरी को लेकर पारदर्शी व्यवस्था की मांग उठ रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि रोजगार की तलाश में परीक्षा देने वाले युवाओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए।
अब सवाल यह है कि परीक्षा व्यवस्था अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए है या अभ्यर्थियों को व्यवस्था के अनुसार परेशान होने के लिए मजबूर किया जाएगा
 परीक्षा केंद्रों की दूरी घटाओ, युवाओं का बोझ कम करो
🔹 जिला स्तर पर बनाए जाएं परीक्षा केंद्र
हर जिले के अभ्यर्थियों को यथासंभव अपने ही जिले में परीक्षा देने का अवसर मिले।
🔹 100 किलोमीटर की सीमा तय हो
किसी भी अभ्यर्थी को 100 किलोमीटर से अधिक दूर परीक्षा केंद्र आवंटित न किया जाए।
🔹 आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं का ध्यान
दूर सेंटर होने से किराया, भोजन और अन्य खर्च बढ़ते हैं। गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन सकता है।
🔹 एक अभ्यर्थी के साथ परिजन भी
दूर परीक्षा केंद्र होने पर कई अभ्यर्थियों के साथ माता-पिता या परिजन को भी यात्रा करनी पड़ती है।
🔹 समय और पैसा दोनों बचेंगे
नजदीकी केंद्र होने से यात्रा का समय और खर्च कम होगा तथा अभ्यर्थी तनावमुक्त होकर परीक्षा दे सकेंगे।
❓ बड़ा सवाल
सरकार बेरोजगार युवाओं से परीक्षा के नाम पर खर्च करवाए या ऐसी व्यवस्था बनाए कि वे आसानी से परीक्षा देकर रोजगार की दौड़ में शामिल हो सकें?
📢 अभ्यर्थियों की एक मांग
“परीक्षा केंद्र नजदीक दो, रोजगार की राह आसान करो।”

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